Vijay Goel

देश की एकता और अखण्डता को भंग करने वाले बयानों खिलाफ ‘मजबूत भारत साइकिल रैली‘ निकाली गई

राज्य सभा सांसद विजय गोयल के नेतृत्व में ‘लोक अभियान’ एवं अन्य स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) के तत्वावधान में आज राजघाट से इंडिया गेट तक देश की एकता और अखण्डता को भंग करने वाले बयानों और अभिनेता आमिर खान की टिप्पणी के विरोध में ‘मजबूत भारत’ साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में दिल्ली के कोने-कोने से आए साइकिल सवारों ने भाग लिया। 

श्री गोयल ने कहा कि देश में असहनषीलता का माहौल नहीं है, बल्कि बनाया जा रहा है। फिल्म एक्टर आमिर खान ने पहले तो यह कहकर सनसनी बना दी कि उनकी पत्नी उनसे कह रही है कि क्या हमें भारत छोड़ देना चाहिए, क्योंकि छह महीने में लोगों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ी है और उसके बाद अपने भारतीय होने पर गर्व का सर्टिफिकेट देते हुए वे घूम रहे हैं। यही बात अवार्ड वापिस करने वाले उन तथाकथित बुद्धिजीवियों के बारे में भी है, जिन्हें ये अच्छी तरह से पता है कि जब एक बार मान-सम्मान मिल जाता है तो खाली पदक वापिस करने से वह मान-सम्मान वापिस नहीं होता। 

श्री गोयल ने साइकिल सवारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आमिर को अभी ही छह महीने नजर क्यों आ रहे हैं, जब मुम्बई में बम ब्लास्ट हुए, जब 26/11 के दिन आतंकवादियों का हमला हुआ, जब 1984 के दंगे हुए, जब ट्रेन में बम ब्लास्ट हुए, जब जम्मू कष्मीर में रोज आतंकवादी हमले करते हैं, तब उनको असहनशीलता  क्यों नहीं दिखाई दी ?

इस रैली में भाग लेने आए सभी नागरिकों का यही कहना था कि उनका मन आमिर खान के उस बयान से आहत है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उन्हें किसी और देश में बसने की सलाह दी है, क्योंकि उनका कहना है कि भारतीय असहनषील हो गए हैं। उनका कहना था कि आमिर खान को इस देश के हर नागरिक ने समान स्नेह दिया है और उनको देश का हीरो बनाया है। अगर किसी के मन में जरा सी भी असहनषीलता होती तो वो इस मुकाम पर नहीं पहुंच सकते थे। ये उनका अपने प्रषंसकों पर और इस देश की भारतीयता और अखण्डता पर प्रहार है, जिसका वो पुरजोर विरोध करते हैं। 

सबसे बड़ी बात है कि वे ये बयान देकर डर का माहौल बना रहे हैं। देष की आजादी की लड़ाई के समय लोग हिम्मत से अंग्रेजों का सामना कर रहे थे, राज्य सभा सांसद विजय गोयल के नेतृत्व में ‘लोक अभियान’ एवं अन्य स्वयंसेवी संगठनों (एनजीओ) के तत्वावधान में आज राजघाट से इंडिया गेट तक देश की एकता और अखण्डता को भंग करने वाले बयानों और अभिनेता आमिर खान की टिप्पणी के विरोध में ‘मजबूत भारत’ साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें भारी संख्या में दिल्ली के कोने-कोने से आए साइकिल सवारों ने भाग लिया। 

श्री गोयल ने कहा कि देश में असहनषीलता का माहौल नहीं है, बल्कि बनाया जा रहा है। फिल्म एक्टर आमिर खान ने पहले तो यह कहकर सनसनी बना दी कि उनकी पत्नी उनसे कह रही है कि क्या हमें भारत छोड़ देना चाहिए, क्योंकि छह महीने में लोगों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ी है और उसके बाद अपने भारतीय होने पर गर्व का सर्टिफिकेट देते हुए वे घूम रहे हैं। यही बात अवार्ड वापिस करने वाले उन तथाकथित बुद्धिजीवियों के बारे में भी है, जिन्हें ये अच्छी तरह से पता है कि जब एक बार मान-सम्मान मिल जाता है तो खाली पदक वापिस करने से वह मान-सम्मान वापिस नहीं होता। 

श्री गोयल ने साइकिल सवारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आमिर को अभी ही छह महीने नजर क्यों आ रहे हैं, जब मुम्बई में बम ब्लास्ट हुए, जब 26/11 के दिन आतंकवादियों का हमला हुआ, जब 1984 के दंगे हुए, जब ट्रेन में बम ब्लास्ट हुए, जब जम्मू कष्मीर में रोज आतंकवादी हमले करते हैं, तब उनको असहनशीलता  क्यों नहीं दिखाई दी ?

इस रैली में भाग लेने आए सभी नागरिकों का यही कहना था कि उनका मन आमिर खान के उस बयान से आहत है, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी ने उन्हें किसी और देष में बसने की सलाह दी है, क्योंकि उनका कहना है कि भारतीय असहनषील हो गए हैं। उनका कहना था कि आमिर खान को इस देश के हर नागरिक ने समान स्नेह दिया है और उनको देश का हीरो बनाया है। अगर किसी के मन में जरा सी भी असहनषीलता होती तो वो इस मुकाम पर नहीं पहुंच सकते थे। ये उनका अपने प्रषंसकों पर और इस देश की भारतीयता और अखण्डता पर प्रहार है, जिसका वो पुरजोर विरोध करते हैं। 

सबसे बड़ी बात है कि वे ये बयान देकर डर का माहौल बना रहे हैं। देश की आजादी की लड़ाई के समय लोग हिम्मत से अंग्रेजों का सामना कर रहे थे, देश छोड़ने की बात नहीं कर रहे थे। आज लोग अपने बयान से तो देश को छोड़ने की बात करते हैं, पर उनको अच्छी तरह मालूम है कि इस देश से ज्यादा सम्मान और सुरक्षा उनको कहीं और नहीं मिल सकती है।

श्री गोयल ने कहा कि एक अकेले आमिर और उन जैसे लोग क्या आहत हुए होंगे, जो उन्होंने लाखों-करोड़ों को अपने बयानों से आहत किया है। वे नहीं जानते कि इस समय जब देश विकास के रास्ते पर है, उस समय ऐसे बयानों से इस विकास की गति धीमी होगी।

भारत देश का चरित्र ही सहनषीलता का है और इसका परिचायक यहां पनपने वाले विभिन्न धर्म हैं। इसी बात को मजबूती से रखने के लिए इस रैली में सैंकड़ों की संख्या में जिसमें युवा, महिलाएं, बुजुर्ग हर वर्ग से लोग आए थे। छोड़ने की बात नहीं कर रहे थे। आज लोग अपने बयान से तो देष को छोड़ने की बात करते हैं, पर उनको अच्छी तरह मालूम है कि इस देष से ज्यादा सम्मान और सुरक्षा उनको कहीं और नहीं मिल सकती है।

श्री गोयल ने कहा कि एक अकेले आमिर और उन जैसे लोग क्या आहत हुए होंगे, जो उन्होंने लाखों-करोड़ों को अपने बयानों से आहत किया है। वे नहीं जानते कि इस समय जब देश विकास के रास्ते पर है, उस समय ऐसे बयानों से इस विकास की गति धीमी होगी।

भारत देश का चरित्र ही सहनषीलता का है और इसका परिचायक यहां पनपने वाले विभिन्न धर्म हैं। इसी बात को मजबूती से रखने के लिए इस रैली में सैंकड़ों की संख्या में जिसमें युवा, महिलाएं, बुजुर्ग हर वर्ग से लोग आए थे।

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My visions for Delhi stems from these inspiring words of Swami Vivekanada. I sincerely believe that Delhi has enough number of brave, bold men and women who can make it not only one of the best cities.

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